सिवनी। पत्रकारों की थाने में पकड़ होने ‌से आदिवासी समाज की महिला से किया गलत काम एस पी ने कराया मामला दर्ज।शहरों में पत्रकारो की भर मर पुलिस से मिलकर पत्रकर करते हैं अवैध रूप गलत कम जांच नहीं करते जनसंपर्क विभाग व अधिकारी क्योंकि वे भी हिस्से दर होते हैं।
 पुलिस अधीक्षक के बाद 1090 पुलिस हेल्पलाइन में लगानी पड़ी  गुहार ।

सिवनी- भले ही शासन प्रशासन आदिवासियों के उत्थान के लिए योजनाएं या फिर महिला सुरक्षा की बातें क्यों ना करें  फिर भी आदिवासीयो के लिए संचालित योजनाएं धरातल पर नाकारा साबित हो रहीं हैं साथ ही आदिवासी महिला या महिला सुरक्षा की यदि शासन नियम कानून की बात करें तब भी प्रशासनिक क्रियान्वयन में सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे आज भी आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी महिलाएं सुरक्षित नहीं है बल्कि वे परेशान है ठीक ऐसा ही मामला सिवनी जिले के धूमा से सामने आया जहां पर एक आदिवासी महिला पिछले कुछ महीनों से एक कथित पत्रकार से प्रताड़ित हो रही थी कम पढ़ी-लिखी सीधी-सादी आदिवासी महिला का फायदा उठाकर एक अखबार का प्रतिनिधि पत्रकार होने के नाते वह किसी असहाय की मदद करने के बजाय अपने पत्रकार होने की धौष और रुतबा के बल पर फायदा उठा कर आदिवासी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए पिछले कई महीनों उस महिला को धमकी देकर उसे अलग-अलग तरह से परेशान कर रहा था l कहते हैं कि जब बात सिर के ऊपर से जाती है तो फिर निकल कर सबके सामने आती है हुआ भी वैसा ही एक और कहावत है मरता क्या न करता परेशान आदिवासी महिला उत्तम सेन कथित पत्रकार की हरकतों से परेशान हो चुकी थी और कथित पत्रकार की उठक बैठक धूमा थानेदार से थी शायद यही कारण है कि वह महिला को यह कहकर भी धमकाया करता कि मेरा कुछ होने वाला नही मेरी सब जगह पहचान है महिला डरी सहमी थी कि उसने धूमा थाने में शिकायत करने के बजाए 80 किलोमीटर दूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिवनी, अनुसूचित जनजाति थाना सिवनी और जिला कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी आपबीती की शिकायत दर्ज करा कर कार्रवाई की मांग की पर सिवनी जिला कार्यालय में आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से व्यथित आदिवासी महिला के द्वारा 181 सीएम हेल्पलाइन एवं 1090 पुलिस हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई गई तब कहीं जाकर पूरे मामले पर पुलिस हरकत में आई और  धूमा थाने में पुन: 24 फरवरी को दी गई शिकायत के मामले में थाना धूमा में भारतीय दंड संहिता अधिनियम 1860 की धारा -354,354(क) ,354(घ), 457,506 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 संशोधन 2015 की धारा- 3(1)(w)  व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 संशोधन 2015 की धारा- 3(2)(v) के तहत देर शाम मामला पंजीबद्ध किया गया वहीं आरोपी के द्वारा घटित घिनौनी हरकतों की शिकायत की बात का पता चलते ही उत्तम सेन के द्वारा गुरुवार दोपहर के समय महिला की झूठी शिकायत लखनादौन तहसील मे मकान बनाने के मामले में की गई । इस पूरे मामले पर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। जांच शुरू हो गई है। महिला को परेशान करने वाले कथित पत्रकार उत्तम सेन से परेशान हो रही हैं।

टिप्पणियाँ
Popular posts
ग्वालियर। प्रदेश सरकार की शोषणकारी नीति के शिकार अतिथि विद्वान 96 दिन से बरसात और कड़कड़ाती ठंड में फूलबाग चौराहे ग्वालियर मे कर रहे आंदोलन , सरकार का ध्यान नहीं।
चित्र
ग्वालियर।नवागत कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने कार्य भार संभाला।तहसीलदार से अपर कलेक्टर तक पहुंचे एचपी शर्मा का ग्वालियर से आजतक ताबदला क्यों नहीं ।एक ही जिले मे रिटायरमेंट तक रहेंगे क्या।
चित्र
ग्वालियर(एम एस बिशौटिया संपादक)फूल सिंह बरैया की बेटी की शादी का अनोखा कार्ड चर्चा में।
चित्र
ग्वालियर/छतरपुर- पशु चिकित्स ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की महिला के साथ किया गलत काम, जेल में सजा कटने के बाद विभाग ने नहीं किया निलंबित विभागों के अधिकारियों एवं नेताओं के आशीर्वाद से पशु डाक्टर धड़ल्ले से कर रहा है नौकरी । पंडित महिला न्यायालय में दर दर भटक रही है।
चित्र
जाटव समाज का इतिहास, जाटव यदुवंशी है ।
चित्र