डबरा/भितरवार ।राष्ट्रीय दलों व कांग्रेस के पास नहीं है कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए कार्यलय ,देश आजाद से जामी हुई है कांग्रेस , आयोजन की बैठक के लिए होते परेशान।
डबरा। देश आजाद होने के बाद से डबरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का दबदबा बनाया हुए हैं आमतौर पर आमजनता कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को चाहे नगरपालिका अध्यक्ष , पार्षद, ग्राम पंचायतों में सरपंच , जनपदों जनपद पंचायत सदस्य बने हैं  मुख्यमंत्री रहे लगातार डबरा विधानसभा क्षेत्र से अभी तक विधायक हैं लेकिन डबरा शहर में कांग्रेस के संगठन के पदाधिकारियों आम नागरिकों के लिए मेन बाजार में कार्यालय उपलब्ध नहीं जब भी कांग्रेस का प्रदर्शन धरना होता है तो एक जगह भी नहीं है जहां एक होकर पदाधिकारी बैठ नहीं पते जबकि हर विधायक के पास इतना धन आता है कि मिलकर एक कांग्रेस कार्यालय  कार्यकर्ताओं बन सकता है लेकिन  जिसमें डबरा विधानसभा से सांसद , विधायक नगरपालिका अध्यक्ष पार्षद ग्राम पंचायतों में सरपंच जनपदों में अध्यक्ष पद कांग्रेस के नेताओं के पास रहे है पहले भी आज भी डबरा, भितरवार के मेन बाजार में   कांग्रेस के पास खुद का कार्यालय नहीं जवकि इस ओर भितरवार में कांग्रेस से15सालो से विधायक हुए हैं मंत्री भी रहे एक छत राज्य कर रहे हैं और डबरा में भी सांसद नगरपालिका अध्यक्ष पार्षद  देश आजाद से लेकर कांग्रेस से आज तक कांग्रेस विधायक ही बनते चले आ रहे हैं लेकिन डबरा विधानसभा क्षेत्र की जनता का दुर्भाग्य है कि एक कांग्रेस कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए बैठने को नहीं है। सिटी में जब कांग्रेस का प्रदर्शन धरना होता है तो एक कार्यकर्ता का में चौराहे पर निवास होने की वजह से वहां कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ पल के लिए बैठ जाते हैं लेकिन वह भी बैठने के लिए लोगों को जगह भी नहीं दो चार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ही बैठ पते है और बाकी के कार्यकर्ता  बैठ भी नहीं पते क्योंकि  जगह  वह दो चार कांग्रेस नेताओं को बैठने की है जबकि अगर आम जनता कांग्रेस के कार्य लिए में जनसमस्याओं को लेकर अबे तो कांग्रेस ही नहीं है जवकि डबरा में प्रदेश के बड़े बड़े नेता पदाधिकारी विधायक मंत्री व राष्ट्रीय नेताओं का आना-जाना लगा ही रहता है लेकिन डबरा शहर में आज तक कांग्रेस के नेताओं ने एक सिटी में कार्यालय नहीं बनाई इसका कारण यह है कि कांग्रेस के बैनर तले जीत दर्ज तो कर रहे हैं लेकिन विधायक पदाधिकारी सांसद, इस और ध्यान नहीं दे रहे जवकि कांग्रेस की मध्यप्रदेश में सरकार रही है अगर विधानसभाक्षेत्र से जिला ग्वालियर ग्रामीण जनता अपनी जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यालय जायेगी तो उसका खर्चा एक गरीब मजदूर आदमी का तीन सौ रुपए है लेकिन अगर सिटी डबरा में हो तो कार्यकर्ता की जनसमस्याओं का निधन भी होता रहेगा। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कांग्रेस से  विधायक  या अन्य जनप्रतिनिधि बन कर अपनी अपनी जगह बनाने में और धन कमाने में लगे हुए हैं । जब कि शहर में अन्य राष्ट्रीय स्तर सीपीआईएम सीपीएम  दलों के शहर के बीचोबीच कार्यक्रम करने के लिए कार्यलय स्थित है अब देखना यह है कि भितरवार में सिटी डबरा सिटी में चुने हुए प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय उपलब्ध करते हैं कि नहीं।
इनका कहना 
  कांग्रेस के अब तक के जीतते हुए जनप्रतिनिधि चाहते तो सिटी में कांग्रेस कार्यालय उपलब्ध होता । 
ओमी पंडोलिया कांग्रेस सदस्य 
             
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