करैरा मगरोनी। कांग्रेस पार्टी विधायक प्रतिनिधि बनकर जनता कार्यकर्ताओं के साथ कर रहे भेदभाव दीपक अहिरवार,विधायक भी क्षेत्र के दो लोगों के इसरे पर करते हैं काम अभी तक नहीं दिला पाए केसर मरीज को सरकारी सहायता ।
करैरा /मगरोनी।मध्यप्रदेश में 2023के चुनाव आ चुके हैं करेरा से उप चुनाव मे बसपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और प्रागीलाल जाटव को कांग्रेस पार्टी ने टिकट दिया और विधायक प्रागीलाल जाटव कांग्रेस से चुनाव जीते और लेकिन जनता के विश्वास में आजकल खरे नहीं उतर रहे बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक लखनसिह बघेल एवं प्रतिनिधि बने दीपक अहिरवार जो कि विधायक के रिश्तेदार हैं वे अपने रिश्तेदारों को ही सरकारी सहायता दिलाने का काम करते हैं बताते हैं कि थाने,तहसीलो नगरपालिकापरिषद कामो ठेकेदार बन गये है  लेकिन उसके बावजूद भी जनता-जनार्दन एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम नहीं होते  गरीब जनता परेशान रहती है प्रागीलाल जाटव विधायक ने पुरी विधानसभा की जुममेदारी अपने ही रिश्तेदार एवं पूर्व विधायक को दे दी है  क्षेत्र के लोगों ने बताया कि विधायक सिर्फ दीपक अहिरवार जो कहते हैं उनके ही कम करते हैं और भाजपा के लोगों के कम करते हैं जबकि स्वेच्छा अनुदान राशि के दीपक अहिरवार अपने ही रिश्तेदार और भाजपा के नेताओं तथा पूर्व विधायक लाखनसिंह बघेल के कहने पर जिला प्रशासन को नाम भेजते हैं  मगरोनी में एक केंसर महिला के कागज लेने के बाद भी कोई आजतक सहायता प्रशासन से नहीं दिलाई और ना ही विधायक द्वारा स्वेच्छा अनुदान राशि भी नहीं प्रधान की गई जबकि एक श्रीमती मालती जाटव मोर्या  गरीब परिवार अनुसूचित जाति की गांव मगरोनी की रहने वाली है सात साल से केंसर पीड़ित महिला हैं जबकि विधायक को फोन भी करते हैं तो दीपक अहिरवार की बात कहते हुए फोन भी काट रहे हैं जबकि विधायक द्वारा वास्तविकता से केसर मरीज के इलाज हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना चाहिए लेकिन वे ऐसे लोगों को स्वेच्छा अनुदान राशि प्रदान नहीं करते हैं जो बीमारी से पीड़ित है और बड़े बड़े घरानों के लोगों के नाम स्वच्छता अनुदान राशि दे रहे हैं पूर्व विधायक के मिलने वाले हो या अन्य बड़े नेताओं के वर्चस्व में हो उनको राशि मुहैया कराते हैं कांग्रेस पार्टी के विधायक के लिए प्रश्न चिन्ह का सवाल है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी कहते हैं कि हमारे पार्टी के विधायक कभी गलत काम नहीं कर सकते जनता की जनसमस्याओं को सुनते हैं और समाधान करते हैं लेकिन करैरा विधानसभा में तो उल्टा चश्मा चल रहा है जनता की सेवा तो नहीं हो रही और ना ही विधायक द्वारा जमीनीस्तर से आवाज उठाई जा रही जब की जबकि मगरोनी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है एक सरकारी अस्पताल से लगभग दस  की जनसंख्या में एक डॉक्टर पदस्थ हैं वो ही गर्भवती महिलाओं एवं प्रस्ताव को भी देखा करते हैं मरीजों की तो मजबूरी है कि जब तक मगरोनी से नरवर अस्पताल दस किलोमीटर दूर जायेगा मरीज कहीं रास्ते में दम नहीं टूट जाए इसलिए सरकारी अस्पताल में इलाज करा लेते हैं महिलाओ  भी मजबूरी में डाक्टर को नाड़ी दिखाती है महिला डाक्टर भी नहीं है सरकारी अस्पताल में बैठ कर सरकारी दवाइयों से मरीजों का इलाज कराने का काम डाक्टर कर रहे हैं और सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाएं वार्ड वाय के भरोसे पर चल रही है, इसी तरह प्रत्येक गांव में साफ सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है जबकि विधायक जी को सभी जानकारी रहती है नगरपालिकापरिषद मगरोनी में गुर्जर समाज बस्ती में साफ़ सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है लेकिन विधायक कोई नगरपालिकापरिषद के खिलाफ आवाज नहीं उठाते  मुद्दा तो जनहित में बहुत ही है  लेकिन पूर्व विधायक लाखनसिंह बघेल और कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि दीपक अहिरवार के इसरे पर विधायक जी कोई काम करते हैं ऐसे कांग्रेस विधायक होने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गण भी परेशान हैं सीहोर नरवर अस्पताल में भी अनियमितता चल रही है नगरपालिकापरिषद नरवर में भी  दिखने को मिलती हैं अवैध खनन का भी तेजगाति से काम चल रहा है लेकिन उसकी भी आवाज नहीं उठाई जा रही ग्रामीण क्षेत्रों की जनता ने कमलनाथ जी पूर्वमुख्यमंत्री से अनुरोध किया है ऐसे विधायक को बनाने से जनता को क्या लाभ मिला जो सिर्फ दो तीन लोगों के कहने से जनता-जनार्दन के काम करते हैं अव देखना यह है कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कमलनाथ जी पूर्व मुख्यमंत्रीजी क्या सीख देते हैं नहीं तो अगर आने वाले समय में कांग्रेस की सीट करैरा विधानसभा बरकरार रेहना मुस्किल में हो सकती है।
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