भोपाल। (एम एस बिशौटिया पत्रकार9425734503)बालरंग विविध संस्कृतियों से परिचय का सशक्त मंच है-प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती शमी।

22 राज्यों के विद्यार्थियों की सहभागिता में राष्ट्रीय बालरंग

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में "राष्ट्रीय बालरंग" कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्रीमती शमी ने कहा कि यह बालरंग कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम ही नहीं है बल्कि एक दूसरे की संस्कृति को जानने और सीखने का एक सशक्त माध्यम भी है। बालरंग के इस मंच के माध्यम से देश भर के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को एक दूसरे के समीप आने का अवसर मिलता है और उनमें मित्रता का संबंध स्थापित होता है। विविध साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से उनको भविष्य में कॅरियर चुनने में सहायक बनता है। श्रीमती शमी ने बताया कि इस वर्ष बालरंग में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ स्कूल शिक्षा विभाग ने उद्यम संस्था के साथ तेजस्वी कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसमें बच्चों में उद्यमशीलता को विकसित करने का ध्येय समाहित है। बच्चों में उद्यमशीलता विकसित करने के उद्देश्य से बालरंग प्रतियोगिता में एक स्टॉल भी लगाया गया है, जिसमें बच्चों के द्वारा निर्मित वस्तुओं का विक्रय बच्चों में उद्यम कौशल (एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स) विकसित करेगा।

आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमति अनुभा श्रीवास्तव ने बच्चों द्वारा लगाई गई लघु भारत प्रदर्शनी "एक भारत - श्रेष्ठ भारत "एवं फूड जोन का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन कर उनका मनोबल एवं उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे, उप सचिव श्रीमती मंजूषा राय, संचालक लोक शिक्षण श्री डी एस कुशवाह एवं विभागीय अधिकारीगण सहित विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिभागी विद्यार्थी एवं उनके मेंटर्स उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय बालरंग प्रतियोगिता में देश के 22 राज्यों के लगभग 430 प्रतिभागी विद्यार्थी अपने राज्यों के लोकनृत्य की प्रस्तुति दे रहे हैं, इनमें सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शीर्ष तीन लोकनृत्य प्रस्तुतियों को 21 दिसंबर को समापन समारोह के अवसर पर पुरुस्कृत किया जायेगा।

राज्यस्तरीय बालरंग में हुई विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं

राज्यस्तरीय बालरंग में 19 दिसंबर को विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुई। इसमें प्रदेश के 9 संभागों के लगभग 1 हजार प्रतिभागियों ने सहभागिता की। राज्यस्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विभिन्न संभागों के विद्यार्थियों ने लोक नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए। लोकनृत्य (कनिष्ठ) में जबलपुर संभाग प्रथम, सागर संभाग द्वितीय एवं भोपाल संभाग तृतीय स्थान पर रहा। लोकनृत्य (वरिष्ठ) में इंदौर संभाग से गणगौर नृत्य प्रथम, जबलपुर संभाग से बामा नृत्य द्वितीय एवं उज्जैन संभाग से ताली नृत्य तृतीय स्थान पर रहा। शास्त्रीय नृत्य (कनिष्ठ वर्ग) में भोपाल संभाग प्रथम, सागर संभाग द्वितीय और नर्मदापुरम संभाग तृतीय स्थान पर रहा। शास्त्रीय नृत्य (वरिष्ठ वर्ग) में ग्वालियर संभाग प्रथम, इंदौर संभाग द्वितीय और भोपाल संभाग तृतीय स्थान पर रहा। कनिष्ठ आयुवर्ग सुगम संगीत प्रतियोगिता में उज्जैन संभाग प्रथम, शहडोल संभाग द्वितीय एवं भोपाल संभाग तृतीय स्थान पर रहा है। कनिष्ठ आयुवर्ग वादन प्रतियोगिता में शहडोल संभाग ने प्रथम स्थान और उज्जैन संभाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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