मजदूर मेघसिंह की मौत के बाद गुस्साए परिजन समेत समर्थकों ने 18घटे जाम लगाया जब मुख्यमंत्री ,एसपी जिला ग्वालियर कलेक्टर के पुतले जलाए, जब प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनी, अधिकारीयों को चक्का जाम से पहले ही अलर्ट क्यों नहीं किया इंटेलिजेंस ब्यूरो ने कही ना कही लापरवाही हुई है।
 डबरा-12/7/2021/बिलौआ में क्रेशर मार्केट में एक क्रेशर में काम करने के दौरान क्रेशर के बेल्ट में फंसकर हुई मजदूर मेघसिंह की मौत के बाद गुस्साए परिजन समेत समर्थकों ने मालिक के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर क्रेसर मार्केट मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। देर रात 11 बजे से लगाया गया जाम अगले दिन सोमवार को शाम 5 बजे खुला।करीब 18 घंट तक जाम लगा रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के पहुंचने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। संबंधित क्रेशर मालिक द्वारा नगद 6 लाख रुपए दिए जाने और रेडक्रॉस सोसायटी से दो लाख रुपए दिलाए जाने के आश्वासन के बाद जाम खुला।25 लाख रुपए दिलाए जाने की मांग के साथ क्रेसर मालिक के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाए, मांग को लेकर चक्काजाम किया गया। इधर, क्रेशर मार्केट से गिट्टी का परिवहन कार्य प्रभावित हुआ और अनेक गांवों से आने वालों वाहनों की कतार लग गई। दिनभर जाम लगा रहा। सूचना मिलने पर एसडीएम प्रदीप शर्मा, एसडीओपी विवेक शर्मा, तहसीलदार एवं बिलौआ थाना प्रभारी समेत पुलिस बल पहुंचा। काफी समझाइश दी गई लेकिन मानने को तैयार नहीं हुए। एडीशनल एसपी के आने के बाद वे माने। यह खबर इंटेलिजेंस ब्यूरो विशेष शाखा को जान करी  थी की  भीम आर्मी के सदस्य मिल कर चक्का जाम करने वाले हैं तो प्रशासन अधिकारीयों को चक्का जाम से पहले ही अलर्ट क्यों नहीं किया कहीं ना कहीं इंटेलिजेंस की लापरवाही हुई है। 

बेल्ट साफ करते समय चली मशीन, फंसने से मौत मेघसिंह कुशवाह (46) पुत्र रामचरण कुशवाह जो कि भोलेनाथ क्रेशर पर काम कर रहा था। यह क्रेशर रिंकू परमार का बताया गया है। काम करने के दौरान रविवार को देर शाम क्रेशर के बेल्ट में मशीन के अचानक चालू होने पर वह फंस गया और इस दौरान उसका पूरा शरीर जख्मी हो गया। साथी मजदूर ने मशीन को बंद किया और उपचार के लिए सीधे वे ग्वालियर ले गए। जहां करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद से आक्रोशित लोगों ने देर रात में ही जाम लगा दिया था। इधर, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

भीम आर्मी ने किया पुतलों के साथ प्रदर्शन

भीम आर्मी के कार्यकर्ता पहुंच गए और चक्का जाम का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बताते है कि जब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तब उन्होंने सीएम समेत कलेक्टर और एसपी के पुतले के साथ प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा।

यह लगाया आरोप, सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं प्रशासन भी

परिजनों ने आरोप लगाया है कि घायल होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई और सीधे मालिक पड़ाव स्थित माहेश्वरी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई तब उनको बताया गया।
आए दिन बिलौआ क्रेशर मार्केट में इस तरह की घटनाएं होती है लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए है। आए दिन हादसे के बाद भी प्रशासन की लापरवाही बनी है। प्रशासन भी मुआवजा दिलवाकर पल्ला झाड़ लेती है।

काफी समझाइश के बाद माने, क्रेशर संचालक से 6 लाख रुपए नगद, रेडक्रॉस सोसायटी से दो लाख रुपए दिलाए जाने के साथ 304 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया, तब जाकर वे माने। जाम खुलवा दिया गया है।


प्रदीप शर्मा, एसडीएम, डबरा

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