डबरा।शहरी आवास योजना के तहत अधिकारीयों व नेताओं दलालों ने करा दिये अपात्रों को पात्र और पात्रों को अपात्र शहरी आवास के योजना देख रहे नगरपालिका के कर्मचारियों की भी हो आई वी लोकायुक्त से जांच --दीपक खरे
 डबरा-- शहरी आवास योजना के तहत अधिकारीयों व नेताओं दलालों ने करा दिये अपात्रों को पात्र और पात्रों को अपात्र शहरी आवास के योजना देख रहे नगरपालिका के कर्मचारियों की भी हो आई वी लोकायुक्त से जांच --दीपक खरे
डबरा।  सरकार द्वारा गरीबों के आवास बनाने का जो सिलसिला जारी किया है वह पुरे भारत में चल रहा है मध्य प्रदेश में भी चल रहा है लेकिन डबरा नगरपालिका में तो जोड़ तोड़ से भ्रष्टचार की सीमा पर हो गया है देखा जाए तो वार्ड नंबर 16 में सन् 2020,21,22 की सूची में करीब सत्तर लोगों के शहरी आवास योजना के तहत नाम अधिकायो ने भेजे थे जिसमें  उस सूची की जांच दल गठित की जिसमें पटवारी और नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी कर्मचारी राजनीतिक नेता शामिल थे जो  जांच कर रहे थे गरीब अनुसूचित जाति के गरीब व मजदूरों को  पात्र सूची से बाहर कर अपात्र घोषित कर दिया यह आन देखी अधिकारी कर्मचारी राजनीतिक नेता की मिली-जुली साठ गांठ से कर दिऐ जो अपात्र थे वो पात्र कर दिया गया है इन पात्रों के पास चार पहिया वाहन वह पहले से पक्के मकान बने हुए  जिसमें अधिकांश लोग नगरपालिका के कर्मचारियों से मिलकर पात्रों ने अपने खाते में रुपए भी डाला लिए  इससे भ्रष्टाचार साफ उजागर हो रहा है ऐसा ही मामला सामने आया है कि मंगलवार को जनसुनवाई में कांग्रेस नेता दीपक खरे ने एक सबूत सहित आवेदन एसडीएम व तहसीलदार  और नगरीय प्रशासन के अधिकारियों को दिए हैं उसमें लिखा है कि जो गरीब अनुसूचित जाति व अन्य वर्गे के लोग वार्ड नंबर सोलह में कच्चे मकानों में रहते हैं उनको नगरपालिका के कर्मचारियों नेताओं की मिली-जुली होने से गरीबों को मुफ्त आवास योजना का लाभ नहीं मिले इसलिए अपात्र कर दिया और जिसके पास रुपए और पक्के मकान बने हुए हैं उनको पात्रता की सूची में नाम दर्ज कर भुगतान भी कर दिये कांग्रेस के इंटक प्रदेश महासचिव दीपक खरे जी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नगरपालिका के कर्मचारियों द्वारा शहरी आवास योजना के तहत अधिकारीयों के घर मालामाल हो गये है उन्होंने कहा कि नगरपालिका ने जिस कर्मचारी को  शहरी आवास योजना का काम सौंपा गया है वह भी पात्र लोगों से मालामाल हो गये है ऐसे अधिकारी कर्मचारी की भ्रष्टाचार की जांच हो और इन अधिकारियों कर्मचारियों की जांच ईओ और लोकायुक्त इंटेलिजेंस ब्यूरो आईबी से इनकी चल अचल संपत्तियों की भी जांच हो यह अधिकारी कर्मचारी राजनीतिक नेताओ को साथ लेकर जांच करते हैं जो इन अधिकारियों को जांच के समय रुपए देते हैं उन्हें पात्र करते हैं ।
                       इनका कहना है
एक आवेदन आया है जनसुनवाई में उसकी जांच की जाएगी जो शहरी आवास योजना  सूची में अपात्र लोग थे कर्मचारी ने पात्र कर दिये जो पात्र थे अपात्र कर दिऐ है उनके खातों में राशि भेजी है उसको भी बसूला जायेगा।
प्रदीप कुमार शर्मा  एसडीएम डबरा 
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