एसडीपीओ संतोष पटेल का शिक्षा एवं नशा मुक्ति संदेश।पैग पे पैग पीने से क्या फायदा शाम को पिओगे सुबह उतर जाएगी,वर्णमाला गिनती पहाड़ा घोलकर पीओ सारी ज़िंदगी सुधर जाएगी।
ग्वालियर। जिला प्रशासन में  कुछ-कुछ बहुत बधाई के पात्र बन जाते हैं जो संविधान का ज्ञान रखते हैं एैसे ही घाटीगांव के एसडीपीओ  संतोष पटेल है वे कुछ ना कुछ इंसान के लिए करने की कोशिश करते रहते हैं और सच्चाई के साथ करते हैं  दिन हो रात अगर कोई ड्यूटी के समय परेशान हैं या कोई गलत काम करते देख लेते है तो उसे समझाने की कोशिश करते हैं ऐसे ही एक परिवार जो आदिवासी समाज के लोगों को नशामुक्त रहने की सलाह दी। और शिक्षा पर जोर दिया  उन्होंने कहा कि  ज़िंदगी इतनी बुरी नहीं होती लेकिन व्यक्ति स्वयं बदत्तर बना लेता है। जमीन पे लेटा हुआ इंसान उतने रुपये दिन में कमा लेता है जितने रुपये एक समय मेरे पिता जी मजदूरी से कमाते थे। हमारी स्थिति आज बदली क्योंकि उनके अंदर कला थी पैसे निवेश करने की। मेरे पिता जी और जमीन पर लेटे हुए 3 बेटों के इस पिता की कमाई में कोई अंतर नहीं लेकिन फर्क यह है कि ये शख्स मजदूरी का आधा रुपया दारू में उड़ा देता है और आधा रुपया राशन पानी में जो विशुद्ध खर्चा है कभी वापस नहीं लौटता जबकि हमारे पिता जी आधा रुपया कॉपी कलम किताब व कोचिंग में निवेश करते थे शेष रुपया जरूरतों में खर्च करते थे जिसकी बदौलत आज अनपढ़ होने के बाद भी एक सफल पिता सिद्ध हुए हैं। मुझसे जो सम्भव हुआ मदद की और वो मेरी मदद से बेहद खुश हैं क्योंकि कभी रात के 12 बजे गश्त करते हुए उनके पास पहुँच जाता हूँ कभी दोपहर में लेकिन उनमें सुधार कम परिलक्षित हो रहा है। मैंने निवेदन किया कि शराब छोड़ दीजिए आपके आसपास की सभी बुराइयाँ छूट जाएंगी। नशा नाश की जड़ है उनको शायरी सुनाकर समझाया कि पैग पे पैग पीने से क्या फायदा शाम को पिओगे सुबह उतर जाएगी,वर्णमाला गिनती पहाड़ा घोलकर पीओ सारी ज़िंदगी सुधर जाएगी।इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अशिक्षा है। जुलाई माह आने वाला है अपने बच्चों को स्कूल के लिए अभी से सजाना शुरू करें ताकि स्कूल के प्रति उनके मन में उत्साह चरम पर हो, स्कूल एक ऐसी फेक्ट्री है जहां नादान भेजो और वो महान बनकर निकलता है।
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