पेट का दर्द दिखाने महिला डॉक्टर को मुरार सरकारी हॉस्पिटल में गई तो डाक्टर ने प्रेगनेंसी के बारे में पूछा लिया कब से हो प्रेग्नेंट युवती जवकि अनमैरिड है युवती ने प्रेगनेंट बारे में केसे पुछा और विरोध किया तो महिला डाक्टर ने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। जिसकी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज की जांच शुरू । इस मामले को लेकर बड़े बड़े मीडिया ने महिला डाक्टर का वचव पछ छापा गया।
 ग्वालियर।  पेट दर्द की शिकायत लेकर मुरार प्रसूतिगृह में इलाज लेने पहुंची डबरा से आई युवती और डक्टर के बीच शनिवार की दोपहर डेढ़ बजे विवाद हो गया। विवाद का कारण था कि डाक्टर ने युवती से महावारी और प्रिग्नेंसी के बारे में पूछ लिया। इसी बात से नाराज युवती उसकी भाभी किरण जाटव ने भीम आर्मी के पदाधिकारी को बताया कि डाक्टर ने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है तो संगठन के लोग पहुंचे तो डाक्टर से बात करने कि कोशिश कि लेकिन डाक्टर ने अपने रुम से नहीं निकली और पुलिस को डायल 100 व सिविल सर्जन को शिकायत की। मरीज के परिजन ने पुलिस से   मुख्य दरवाजे पर शिकायत की डाक्टर मैनूना खैतून ने भीम आर्मी की महिला विंग की जिला अध्यक्ष से ग़लत शब्दों का इस्तेमाल किया है लेकिन पुलिस मुरार के टीआई ने नहीं सुनी तो अस्पताल के मुख्य दरवाजे बाहर धरना दे दिया जव सोशल मीडिया के माध्यम से भीम आर्मी संगठन सदस्यो को पता चला तो भीम आर्मी की संख्या बढ़ गई । तो किसी तरह से पुलिस ने दरवाजे एक गेट से सदस्यो को हटा कर  एंबुलेंस को अस्पताल के भीतर पहुंचाया। दर्द की शिकायत लेकर आई युवती भीम आर्मी के महिला विंग की अध्यक्ष बताई गई है। हंगामा के चलते एसडीएम,एएसपी,सीएसपी मौके पर पहुंचे।
इस तरह हुआ विवाद शुरू-
भीमआर्मी के संभागीय अध्यक्ष स्र्पेश केन ने बताया कि डबरा की रहने वाली 24 वर्षीय मंदाकनी घुरैया को कुछ दिन से पेट दर्द की शिकायत थी। शनिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे वह अपने भइया-भाभी के साथ मुरार प्रसूतिगृह में इलाज लेने पहुंची। डा.मैमूना खातून ने उससे आड़े-टेड़े सवाल करते हुए जातिगत टिप्पणी की ।इसी बात को लेकर विवाद हो गया और हम लोगों ने धरना देते हुए डाक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे है। 
पुलिस देर रात्रि में डा मैमून खातून पर 282/21 504,506,3(1द घ)3(2व्ही ए) एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।

महिला डॉक्टर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज में  डा.मैमूना खातून का कहना था कि ओपीडी में सभी मरीज देखने के बाद वह डेढ़ बजे लंच कर रही थी तभी युवती और उसके साथ दो महिला व करीब आठ से दस पुस्र्ष दिखाने आए। मैंने महावारी व प्रिग्नेंसी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि महावारी के बारे में मां को पता होगा। वह अभी अवविवाहित है प्रिग्नेंट कैसे हो सकती। इस पर मैेंने शॉरी बोलते हुए कहा मुझे जानकारी नहीं थी। पर वह लोग इतनी सी बात पर झगड़ा करने लगे और मेरा हाथ पकड़कर बाहर की तरफ खींचा। मैंने किसी तरह से खुद को छुड़ाया और अंदर जाकर सिविल सर्जन,व पुलिस को सूचना दी। पर यह लोग गाली गलौच करते हुए हंगामा करने लगे तब मैं वहां से किसी तरह से भागी और अस्पताल के पीछे 8 फीट की वाउंड्री कूदकर निकली जिससें मैं चोटिल हो गई इसकी पुलिस में आवेदन दिया है। डाक्टर का कहना है कि दो माह पहले डबरा के बीएमओ डा.सुरेन्द्र सोलंकी पर छेड़छाड का मुकदमा दर्ज कराया था यह लोग उन्हीं के द्वारा भेजे गए हैं।
वर्जन-
डाक्टर व मरीज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। जिसको लेकर कुछ लोगों ने अस्पताल के गेट पर धरना दे दिया। जिसमें मरीज परेशान हो रहे थे। किसी तरह से पुलिस ने गेट हटवाया खुलवाया मरीज अस्पताल में दाखिल हो सके। पुलिस शिकायत पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
अजय पवार, थाना प्रभारी मुरार
डाक्टर पर जबरन दबाव बनाने का प्रयास है,यदि इस तरह से लोग झगड़ा करेंगे तो फिर इलाज कौन करेगा। धरना देने वालों को समझाया भी कि यदि गलत हुआ तो उसकी शिकायत करो,उसकी जांच कर कार्रवाई होगी पर वह नहीं माने।
डा.आलोक पुरोहित, आरएमओ जिला अस्पताल
एक युवती मंदाकिनी पेट दर्द से पीड़ित रोगी थी डॉक्टर को दिखाने मुरार सरकारी हॉस्पिटल में दिखाने डबरा से आई तो डाक्टर ने गलत शब्दों उपयोग किया है ऐसा युवती ने शिकायत दर्ज कराने का आवेदन थाना प्रभारी मुरार को दिया है तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की  जांच शुरू कर दी है जांच के उपरांत अतिशीघ्र केस डायरी न्यायालय में पेश कर दी जायेगी।
  जयराज कुबेर 
एडिशनल एसपी ग्वालियर ग्रामीण ।

डाक्टर मैमून खातून जो मेरा डबरा का मामला चल रहा है उससे भीम आर्मी के पदाधिकारियों को  कोई लेना देना नहीं है और में रुपेश केन व युवक युवतीयो को दूर दूर तक भी जनता नहीं हूं मैडम को हमने कभी भी राजीनामा के लिए कुछ भी नहीं कहा और ना किसी से दवाब कराया गया ।जो मुरार सरकारी हॉस्पिटल में हुआ है मेरी जानकारी में नहीं है और डा मैमून खातून जो आरोप लगा रही है वह सारासर गलत और बेबूनियाद है।
   डा सुरेन्द्र सोलंकी एम डी मेडिकल आफिसर 
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